सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन चालकों को मंगलवार को शाहाबाद के रास्ते पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से नाराज किसानों ने शाहाबाद में एनएच-44 पर यातायात रोकने का ऐलान किया है। किसान सुबह 10 बजे शहीद ऊधम सिंह स्मारक के पास जुटेंगे और इसके बाद करीब 11 बजे जीटी रोड पर पहुंचकर जाम लगाने की तैयारी है।
मंडियों में धान पहुंचा, खरीद का इंतजार
किसानों का कहना है कि मंडियों में धान की आवक शुरू हो चुकी है, लेकिन सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से उन्हें अपनी फसल बेचने में दिक्कत आ रही है। इसी मुद्दे को लेकर भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी ने अब सड़क पर उतरने का फैसला किया है। संगठन की ओर से किसानों को शाहाबाद पहुंचने के लिए कहा गया है।
प्रशासन के भरोसे के बाद भी नहीं बनी बात
किसानों के अनुसार कुछ दिन पहले शाहाबाद अनाज मंडी में प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। इसमें धान खरीद शुरू कराने को लेकर चर्चा हुई थी। किसानों को बताया गया था कि 20 सितंबर से खरीद शुरू कराने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है। इसी भरोसे पर किसानों ने अपना आंदोलन कुछ समय के लिए रोक दिया था। तय समय बीतने के बाद भी खरीद शुरू नहीं होने पर अब दोबारा प्रदर्शन का निर्णय लिया गया है।
किसान नेताओं ने कार्यकर्ताओं को किया सक्रिय
बीकेयू चढ़ूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से किसानों को शाहाबाद में एकत्र करने की अपील की है। जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को किसानों से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। संगठन की ओर से कहा गया है कि आंदोलन की अगली दिशा मौके पर मौजूद किसानों की स्थिति को देखते हुए तय की जाएगी।
हाईवे जाम हुआ तो लंबा असर पड़ सकता है
एनएच-44 उत्तर भारत के प्रमुख सड़क मार्गों में शामिल है और इस रास्ते से बड़ी संख्या में वाहन दिल्ली की ओर जाते हैं। शाहाबाद में जाम लगने की स्थिति में दिल्ली जाने वाले वाहनों के साथ-साथ दूसरी दिशा के यातायात पर भी असर पड़ सकता है। वाहन चालकों को मंगलवार को इस रूट पर निकलने से पहले ट्रैफिक की स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।
फसल पंजीकरण के लिए फिर खुला पोर्टल
इधर सरकार ने किसानों के लिए ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल दोबारा खोल दिया है। किसान 21 से 27 सितंबर तक अपनी फसल का पंजीकरण करवा सकते हैं। किसानों की मांग है कि पंजीकरण से लेकर सत्यापन और सरकारी खरीद तक की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाए, ताकि मंडियों में फसल लेकर आने वाले किसानों को परेशानी न हो।



