सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
जालंधर कैंट। जालंधर कैंट के प्रकृति अस्पताल में प्रसव कराने पहुंची महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिवार ने अस्पताल में उपचार के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर विरोध जताया और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
डिलीवरी के लिए अस्पताल पहुंचा था परिवार
परिजनों के मुताबिक महिला को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल लाया गया था। परिवार को उम्मीद थी कि कुछ ही समय में मां और बच्चे को लेकर वे घर लौटेंगे। उनका आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करने के बाद डॉक्टरों ने शुरू में स्थिति को लेकर उन्हें ज्यादा चिंता की बात नहीं बताई।
अचानक दूसरे अस्पताल ले जाने से उठे सवाल
परिवार का कहना है कि कुछ समय बाद महिला को दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही गई। एंबुलेंस से उसे जोल अस्पताल भेज दिया गया। परिजन भी तुरंत वहां पहुंचे। वहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद महिला और उसके नवजात बच्चे को मृत बताया। इसके बाद परिवार ने प्रकृति अस्पताल में हुए उपचार और महिला को दूसरे अस्पताल भेजने के तरीके पर सवाल खड़े किए।
परिवार बोला- समय रहते स्थिति बताई जाती तो फैसला ले पाते
परिजनों का आरोप है कि महिला की हालत गंभीर होने की जानकारी उन्हें समय रहते नहीं दी गई। उनका कहना है कि यदि स्थिति नाजुक थी तो उन्हें पहले ही इसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी, ताकि वे समय रहते किसी बड़े अस्पताल में उपचार का निर्णय ले सकते।
नौ साल से संतान की उम्मीद, एक साथ उजड़ा परिवार
परिजनों के अनुसार शादी के करीब नौ साल बाद परिवार में बच्चे के आने की खुशी थी। महिला और नवजात की मौत के बाद यह खुशी कुछ ही घंटों में मातम में बदल गई। घटना की खबर फैलने के बाद रिश्तेदार और अन्य लोग अस्पताल पहुंच गए और प्रबंधन से जवाब मांगने लगे।
पुलिस पहुंची, अस्पताल का रिकॉर्ड लिया कब्जे में
विरोध की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने परिजनों की शिकायत दर्ज करने के साथ अस्पताल से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए हैं। अब जांच के दौरान उपचार से जुड़े दस्तावेज, चिकित्सकीय प्रक्रिया और महिला को दूसरे अस्पताल भेजे जाने की परिस्थितियों की जांच की जाएगी।
पुलिस के अनुसार जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या रहा और उपचार में किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी या नहीं। वहीं, परिजनों ने दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।



