सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। जालंधर
पंजाब में कथित भ्रष्टाचार और सरकारी कामकाज में प्रभाव के इस्तेमाल से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। हाईकोर्ट के निर्देश और ED से मिली जानकारी के आधार पर जांच एजेंसी ने मुख्यमंत्री के OSD राजबीर घुम्मन समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। FIR में कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और निजी लोगों को भी शामिल किया गया है।
अधिकारियों की पोस्टिंग और सरकारी फैसलों पर प्रभाव का आरोप
जांच में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों का एक नेटवर्क कथित तौर पर आर्थिक लाभ लेकर प्रशासनिक फैसलों को प्रभावित करता था। अधिकारियों की पोस्टिंग, विभागीय मामलों और सरकारी मंजूरियों के अलावा टेंडर, लाइसेंस, भूमि उपयोग परिवर्तन और राजस्व से जुड़े मामलों में भी हस्तक्षेप किए जाने की बात सामने आई है।
सरकारी नीतियों की जानकारी पहले पहुंचाने का आरोप
CBI के मुताबिक, जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि कुछ सरकारी आदेशों और नीतिगत फैसलों की जानकारी आधिकारिक रूप से जारी होने से पहले ही कथित तौर पर निजी लोगों तक पहुंचाई जाती थी। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे और इसके बदले किसी तरह का आर्थिक लाभ लिया गया या नहीं।
छह नामजद, कई अज्ञात लोगों पर भी जांच
FIR में राजबीर घुम्मन, नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आर.एस. नागरा के नाम शामिल हैं। इनके अलावा अन्य अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पंजाब के कई शहरों में एक साथ पहुंची CBI टीमें
मामला दर्ज होने के बाद CBI ने चंडीगढ़, मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर समेत आठ ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। जांच टीमों ने कार्रवाई के दौरान कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अपने कब्जे में लिए हैं।
मोबाइल और लैपटॉप से खंगाले जाएंगे सुराग
CBI अब जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप और दस्तावेजों की जांच कर रही है। इनसे कथित लेन-देन, संपर्क और सरकारी फैसलों को प्रभावित करने से जुड़े सुराग जुटाने की कोशिश की जाएगी। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और आगे और कार्रवाई हो सकती है।
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