CENTRE NEWS EXPRESS (6 MARCH DESRAJ)
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज सातवां दिन है। ईरान अमेरिका-इजराइल को कड़ी टक्कर दे रहा है। इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नए देश को बरबाद करने का प्लान सामने रख दिया है।उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान की सैन्य ताकत को तेजी से कमजोर कर रहे हैं। जल्द ही ईरान को हम झुका देंगे। इसके बाद उनका प्रशासन क्यूबा पर ध्यान देगा।
व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने यह बात कही। यह कार्यक्रम फुटबॉल क्लब इंटर मायामी सीएफ की जीत के जश्न के लिए रखा गया था। इस मौके पर ट्रंप ने कहा कि अभी अमेरिका का पूरा ध्यान ईरान के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने आगे कहा कि हम पहले इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं। हालांकि उसके बाद ज्यादा समय नहीं लगेगा जब अमेरिका का ध्यान क्यूबा की ओर जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि क्यूबा अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है और वहां रहने वाले कई लोग भविष्य में अपने देश लौट सकते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘आप क्यूबा नाम की जगह पर बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।’ क्यूबा के खिलाफ ट्रंप का बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका ईरान के साथ भीषण युद्ध में उलझा हुआ है। हालांकि, क्यूबा इस जंग से पहले ही अमेरिका के ऊर्जा ब्लॉकेड का सामना कर रहा है। इसकी शुरुआत अमेरिका के वेनेजुएला ऑपरेशन के बाद हुई, जिसमें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को बंधक बना लिया गया। वेनेजुएला क्यूबा का मुख्य तेल सप्लायर रहा है।
तय समय से पहले अमेरिका-इजरायल को बढ़त
ईरान के साथ चल रही जंग को लेकर ट्रंप ने काफी आत्मविश्वास दिखाया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और उसके सहयोगी इजरायल मिलकर दुश्मन को तेजी से कमजोर कर रहे हैं। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी सेना और इजरायल की सेना मिलकर युद्ध में तय समय से पहले ही बड़ी बढ़त हासिल कर चुकी हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान पहुंचा है. उनके अनुसार ईरान की वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी है और उसका एयर डिफेंस सिस्टम भी कमजोर हो गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की नौसेना को भी भारी नुकसान हुआ है।
ईरान भुगतेगा गंभीर परिणाम
हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका अभी युद्ध जारी रखने के मूड में है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर संघर्ष जारी रहा तो ईरान को और गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इस बीच ट्रंप ने वैश्विक तेल बाजार पर भी बात की। उन्होंने कहा कि युद्ध के बावजूद तेल की कीमतें अब काफी हद तक स्थिर हो गई हैं। हालांकि उन्होंने माना कि इस संघर्ष के कारण अमेरिका को अपनी कुछ प्राथमिकताएं बदलनी पड़ी हैं।



