सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
देशभर में लंबित मामलों और फैसलों में हो रही देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने सभी हाईकोर्टों को निर्देश दिए हैं कि जिन मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है, उनमें फैसला लंबे समय तक लंबित न रखा जाए और तय अवधि के भीतर निर्णय सुनाया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्याय मिलने में अनावश्यक देरी से लोगों का भरोसा प्रभावित होता है। इसी को देखते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि आरक्षित फैसलों को महीनों तक रोककर रखने की प्रवृत्ति पर रोक लगनी चाहिए।
नई व्यवस्था के तहत हाईकोर्टों को मामलों की निगरानी और लंबित फैसलों का रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट करने को भी कहा गया है। जरूरत पड़ने पर संबंधित मामलों की जानकारी मुख्य न्यायाधीश के सामने रखने की व्यवस्था भी लागू की जा सकती है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से लंबे समय से फैसले का इंतजार कर रहे हजारों लोगों को राहत मिल सकती है और अदालतों की कार्यप्रणाली में तेजी आएगी।



