सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा।
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को कई अहम मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। अवैध खनन, केंद्र से मिलने वाले वित्तीय संसाधन, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, पेयजल, राशन व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं सहित कई विषयों पर सदन में सवाल-जवाब और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।
खनन और केंद्र के फंड पर सियासी टकराव
कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने राज्य में अवैध खनन को लेकर सरकार को घेरा और दावा किया कि इस पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है। साथ ही वित्तीय प्रबंधन पर भी सवाल उठाए गए। इसके जवाब में सरकार ने कहा कि केंद्र की ओर से विभिन्न योजनाओं का बकाया धन समय पर जारी नहीं किया जा रहा, जिससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। सत्ता पक्ष ने आरोप लगाया कि कई केंद्रीय योजनाओं में वित्तीय हिस्सेदारी का ढांचा बदलने से पंजाब पर बोझ बढ़ा है।
महिला सम्मान से जुड़ी टिप्पणी पर विवाद
बहस के दौरान एक टिप्पणी को लेकर सदन का माहौल गरमा गया। सत्ता पक्ष के मंत्रियों ने इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा विषय बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई और संबंधित सदस्य से माफी की मांग की। कुछ समय तक इस मुद्दे पर भी तीखी नोकझोंक होती रही।
गैंगस्टर गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
विपक्ष ने राज्य में अपराध, फिरौती की घटनाओं और गैंगस्टर नेटवर्क को लेकर सरकार से जवाब मांगा। इस पर सरकार ने कहा कि संगठित अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है और पूर्व वर्षों से चली आ रही समस्याओं को खत्म करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
भाखड़ा बांध को लेकर सरकार का स्पष्टीकरण
भाखड़ा बांध की स्थिति पर उठे सवालों का जवाब देते हुए सरकार ने कहा कि बांध की संरचना पूरी तरह सुरक्षित है। तकनीकी रिपोर्टों के अनुसार समय-समय पर होने वाला हल्का झुकाव इसकी इंजीनियरिंग प्रणाली का हिस्सा है और इससे किसी प्रकार का खतरा नहीं है। साथ ही डैम की तलछट सफाई पर भी ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई।
शिक्षा व्यवस्था और छात्र राजनीति पर चर्चा
सदन में उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र संघ चुनाव दोबारा शुरू करने की मांग भी उठी। वहीं नई शिक्षा नीति और राज्यों के अधिकारों को लेकर भी बहस हुई। सरकार ने कहा कि पंजाब में शिक्षा क्षेत्र का विस्तार हो रहा है और नए विश्वविद्यालयों की स्थापना के साथ सरकारी स्कूलों में सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है।
पेयजल, राशन और स्वास्थ्य सेवाओं पर घोषणाएं
विधायकों ने विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल और सीवरेज परियोजनाओं में देरी का मुद्दा उठाया, जिस पर सरकार ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का भरोसा दिया। राशन वितरण व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए नए डिपो शुरू करने की जानकारी दी गई। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर करने के लिए जल्द नई नर्सों की नियुक्ति का ऐलान किया। इसके अलावा राज्य में प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े संभावित भंडारों की जांच जारी रहने की भी जानकारी दी गई।



