Friday, August 7, 2026
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पंजाब विधानसभा में विपक्ष के हमले, सरकार के जवाब; छात्रों, माइनिंग, E20 और नहरी पानी पर दिनभर चली तीखी बहस

सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज

पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली। सदन में अवैध खनन, कनाडा में फंसे पंजाबी छात्रों का भविष्य, पंचायत भूमि की नीलामी, सिंचाई व्यवस्था, मतदाता सूची, पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर कई सवाल उठे। सरकार ने विभिन्न मुद्दों पर अपना पक्ष रखा, जबकि विपक्ष ने जवाबों पर संतोष न जताते हुए कई मामलों में कार्रवाई की मांग की।

अवैध खनन पर विपक्ष ने मांगा स्पष्ट जवाब

नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब में अवैध खनन के मामलों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार पहले खनन पर पूरी तरह रोक का दावा कर चुकी है, लेकिन सामने आए घटनाक्रम और जांच एजेंसियों की कार्रवाई कई सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

PGWP विवाद पर पंजाब सरकार सक्रिय

एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कनाडा में पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) से प्रभावित पंजाबी छात्रों का मामला सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है और प्रभावित विद्यार्थियों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर कानूनी मदद भी दी जाएगी।

पंचायत भूमि नीलामी पर सरकार-विधायक आमने-सामने

आप विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने दौलतपुर पंचायत की जमीन की नीलामी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई। जवाब में राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि समय पर नीलामी कराई गई थी, लेकिन पर्याप्त बोली नहीं लगी। अब दोबारा प्रक्रिया पूरी की जा रही है ताकि पंचायत को अधिक राजस्व मिल सके।

इस्तीफे की चुनौती देकर घेरा सरकार को

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट ग्यासपुरा ने कहा कि यदि सरकार अपने दावों को तथ्यों के साथ साबित कर दे तो वह विधायक पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने सदन में तथ्यात्मक जानकारी रखने की जरूरत पर जोर दिया।

सिंचाई व्यवस्था में गड़बड़ी के आरोप

विधायक गुरदित सिंह ने अपने क्षेत्र में नहरी पानी के वितरण में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की कार्यप्रणाली से किसानों को समान रूप से पानी नहीं मिल रहा और कई मामलों में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा।

डेराबस्सी के लिए नहरी पानी की मांग

कुलजीत सिंह रंधावा ने कहा कि उनके क्षेत्र में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, जिससे खेती और पेयजल दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से नहरी पानी की आपूर्ति बढ़ाने और स्थायी समाधान निकालने की मांग की।

SIR प्रक्रिया पर उठे सवाल

आप विधायक शैरी कलसी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई योग्य मतदाताओं के नाम सूची से हट रहे हैं और इसकी निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए।

पेंशन जारी करने की मांग

भाजपा विधायक जंगी लाल महाजन ने पंजाब कृषि विकास बैंक के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबित पेंशन का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि कई वरिष्ठ नागरिक लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे हैं और सरकार को जल्द समाधान करना चाहिए।

कुराली अस्पताल पर सरकार ने दी स्थिति स्पष्ट

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि फिलहाल कुराली अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव नहीं है। हालांकि अस्पताल के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए अपग्रेडेशन का प्रस्ताव तैयार कर आगे भेजा गया है।

परगट सिंह ने सोशल मीडिया कार्रवाई पर उठाए सवाल

कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की आवाज दबाने जैसी कोई भी कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट पर हो रही कॉपीराइट स्ट्राइक का मुद्दा उठाते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की।

स्पीकर ने सदन में अनुशासन बनाए रखने की दी हिदायत

कार्यवाही के दौरान कुछ सदस्य आपस में चर्चा करते नजर आए, जिस पर स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने सभी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने और कार्यवाही के दौरान अनुशासन का पालन करने की अपील की।

केंद्र सरकार की नीतियों पर प्रस्ताव

सदन में केंद्र सरकार की कुछ नीतियों को लेकर भी चर्चा हुई। पेपर लीक के मामलों और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर प्रस्ताव लाए गए, जिनमें युवाओं के हितों की सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

E20 पेट्रोल नीति वापस लेने की मांग

विधानसभा में अनिवार्य E20 इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति पर भी चर्चा हुई। कई सदस्यों ने कहा कि इस नीति से वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। उन्होंने E0 या कम इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल का विकल्प उपलब्ध कराने तथा नीति की समीक्षा करने की मांग की।

SourceCNE NEWS
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