Friday, August 7, 2026
Google search engine
HomePoliticalप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सुखबीर सिंह बादल की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सुखबीर सिंह बादल की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी, पंजाब में फिर गरमाई गठबंधन की चर्चा

सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव से पहले हुई इस बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि दोनों नेताओं की मुलाकात के एजेंडे का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन इसे आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

दिल्ली में हुई अहम मुलाकात पर सबकी नजर

सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार को संसद परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। चुनावी माहौल के बीच हुई यह बैठक राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुलाकात के बाद पंजाब के राजनीतिक दलों ने अपने-अपने तरीके से इसकी व्याख्या शुरू कर दी।

चुनाव से पहले नए समीकरणों की अटकलें

पंजाब विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही महीने शेष हैं। ऐसे में इस मुलाकात ने अकाली दल और भाजपा के संभावित राजनीतिक सहयोग को लेकर चर्चाओं को हवा दे दी है। हालांकि दोनों दलों की ओर से किसी संभावित गठबंधन पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

AAP ने साधा राजनीतिक निशाना

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात को लेकर तंज कसा। उन्होंने भाजपा और अकाली दल पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक समझौते की ओर इशारा बताया। उनकी टिप्पणी के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी चर्चा का केंद्र बन गया।

सुखबीर बादल ने किया पलटवार

केजरीवाल की टिप्पणी का जवाब देते हुए सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने अवैध खनन समेत कई चुनावी वादों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता से किए गए दावों का हिसाब सरकार को देना चाहिए।

कांग्रेस ने भी जताई प्रतिक्रिया

नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी इस मुलाकात को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों की बैठकें लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन जनता का ध्यान प्रदेश के वास्तविक मुद्दों पर होना चाहिए। साथ ही उन्होंने इस मुलाकात पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी भी की।

लंबा रहा अकाली-भाजपा का राजनीतिक साथ

शिरोमणि अकाली दल और भाजपा ने 1996 में गठबंधन किया था। दोनों दलों ने कई चुनाव साथ लड़े और 1997, 2007 तथा 2012 में पंजाब में सरकार बनाई। लंबे समय तक यह गठबंधन राज्य की राजनीति का अहम केंद्र रहा।

कृषि कानून आंदोलन के बाद अलग हुए रास्ते

साल 2020 में कृषि कानूनों के विरोध के दौरान अकाली दल ने भाजपा और एनडीए से अपना नाता तोड़ लिया था। इसके बाद दोनों दल अलग-अलग राजनीतिक राह पर चल पड़े। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सुखबीर सिंह बादल की हालिया मुलाकात ने एक बार फिर दोनों दलों के भविष्य के रिश्तों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया है।

SourceCNE NEWS
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments