मोगा। मोगा में पुलिस ने ऐसी युवती को पकड़ा है, जिसने खुद को पंजाब पुलिस की एएसआई बताकर अपनी अलग पहचान बना ली थी। पुलिस के अनुसार वह वर्दी और पुलिस से जुड़े सामान का इस्तेमाल कर लंबे समय से लोगों के बीच अपनी झूठी पहचान कायम किए हुए थी। जांच के दौरान उसके दावे की पोल खुल गई।
पुलिस की वर्दी बनी पहचान का जरिया
जांच में सामने आया कि युवती ने पंजाब पुलिस जैसी वर्दी का इंतजाम किया था। वह इसे पहनकर सार्वजनिक स्थानों पर आती-जाती और खुद को विभाग की कर्मचारी बताती थी। उसकी वेशभूषा और आत्मविश्वास के कारण आसपास के लोगों को काफी समय तक उस पर शक नहीं हुआ।
परिवार को भी नहीं लगी भनक
युवती ने कथित तौर पर अपनी बनाई हुई पुलिसकर्मी की पहचान का इस्तेमाल निजी जिंदगी में भी किया। इसी दौरान उसने मोगा में एक परिवार के साथ वैवाहिक संबंध स्थापित कर लिए। परिवार के सामने भी उसकी पहचान एक पुलिस अधिकारी के रूप में ही रही।
रोजाना की गतिविधियों ने खोला शक का रास्ता
पुलिस को युवती की दिनचर्या में कुछ ऐसी बातें दिखाई दीं, जो सामान्य पुलिस ड्यूटी से मेल नहीं खाती थीं। वह एक निश्चित स्थान पर आती थी, कुछ देर रुकती और फिर वापस चली जाती थी। इसी व्यवहार ने पुलिस को उसकी वास्तविक भूमिका की जांच करने के लिए मजबूर किया।
सवालों के जवाब में फंसती चली गई
जब पुलिस ने उससे विभाग में तैनाती, ड्यूटी और पहचान से जुड़े सवाल किए तो उसके जवाबों में विरोधाभास सामने आए। इसके बाद पुलिस ने उसके पास मौजूद दस्तावेजों और सामान की जांच की। जांच आगे बढ़ने के साथ ही उसके पुलिसकर्मी होने का दावा संदिग्ध साबित होने लगा।
तलाशी में सामने आया पूरा सामान
पुलिस ने युवती के कब्जे से पुलिस की वर्दी, वॉकी-टॉकी और कथित फर्जी आई-कार्ड बरामद किया। बरामद सामान को जांच में शामिल कर पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन वस्तुओं को हासिल करने में किन लोगों ने उसकी मदद की।
फर्जी पहचान के सहारे घर बसाने की कोशिश
पुलिस जांच के मुताबिक युवती ने अपनी कथित सरकारी नौकरी को अपनी सामाजिक पहचान का हिस्सा बना लिया था। इसी पहचान के आधार पर उसने एक परिवार का विश्वास हासिल किया और शादी कर ली। अब पुलिस उसके वैवाहिक जीवन से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है।
मामला दर्ज, नेटवर्क की तलाश शुरू
पुलिस ने आरोपी युवती के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ में पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि फर्जी पहचान-पत्र और पुलिस से जुड़ा सामान कहां से आया तथा क्या इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।



