सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में सोशल मीडिया पर छात्रा से दुष्कर्म से जुड़ा संदेश वायरल होने के बाद शुरू हुआ विरोध रविवार को हिंसक हो गया। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस से टकराव, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव
कैंपस में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच कई बार स्थिति तनावपूर्ण हुई। आरोप है कि उपद्रव के दौरान पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और आगजनी की गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। कैंपस के मॉल में तोड़फोड़ और सामान उठाए जाने की घटनाओं की भी जानकारी सामने आई।
दिल्ली-अमृतसर हाईवे पर घंटों प्रभावित रहा यातायात
प्रदर्शन का असर यूनिवर्सिटी के बाहर दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी पड़ा। रविवार सुबह से देर रात तक हाईवे पर यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। करीब 18 घंटे बाद देर रात वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी।
10 दिन के लिए बंद किया गया विश्वविद्यालय
बिगड़ते हालात को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस को 10 दिनों के लिए बंद करने का फैसला लिया है। इस दौरान चल रही मिड-टर्म परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। छात्रों को सुरक्षा के मद्देनजर उनके अभिभावकों के साथ घर भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
रेप के आरोपों की जांच के लिए SIT गठित
वायरल दावे और छात्रों की ओर से उठाए गए सवालों के बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की है। जांच को आगे बढ़ाने के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया है। जांच प्रक्रिया में छात्रों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किए जाने की बात सामने आई है।
महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट
मामले का पंजाब राज्य महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है। आयोग ने कपूरथला के प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से एफआईआर की प्रति, जांच की प्रगति और गर्ल्स हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित जानकारी मांगी है।
कैंपस में पुलिस बल तैनात
घटना के बाद यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों का कहना है कि हालात अब नियंत्रण में हैं और मामले की जांच तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी। वहीं, प्रदर्शन के दौरान बाहरी लोगों की संभावित मौजूदगी को लेकर भी जांच की मांग उठ रही है।



