सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
अमृतसर/मुंबई। मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच अब हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क पर केंद्रित हो गई है। इस केस में अमृतसर का नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल और कारतूस पंजाब से मुंबई तक किन लोगों के जरिए पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, हथियारों को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कथित तौर पर पहले से तय स्थान का इस्तेमाल किया गया था। जांच का अहम पहलू यह है कि हथियारों की व्यवस्था किसने की और फायरिंग करने वालों तक इन्हें पहुंचाने में किस-किस की भूमिका रही।
वारदात से पहले अमृतसर पहुंचे थे आरोपी
जांच में सामने आए विवरण के अनुसार, हरियाणा के सोनीपत निवासी कुणाल और सुमित कथित तौर पर घटना से लगभग दो सप्ताह पहले अमृतसर आए थे। आरोप है कि यहां एक निर्धारित स्थान से पिस्तौल और 20 कारतूस उठाए गए। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि हथियार वहां किसने रखा था और आरोपियों को इसकी जानकारी किस माध्यम से मिली। इस कड़ी में अनिल पंडित नाम के व्यक्ति की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई गई है।
हथियारों की सप्लाई में अपनाया गया अलग तरीका
इस मामले में ‘डेड लेटर बॉक्स’ के जरिए हथियार पहुंचाने की बात सामने आई है। इस तरीके में सामान को एक निश्चित जगह पर छोड़ दिया जाता है, जहां से दूसरा व्यक्ति उसे हासिल करता है। इससे दोनों के बीच सीधे संपर्क की जरूरत नहीं पड़ती। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस तरीके का इस्तेमाल आरोपियों की पहचान छिपाने और हथियारों की आवाजाही को गोपनीय रखने के लिए किया गया था।
चार गिरफ्तारियां, दो महिलाओं की भूमिका की जांच
मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुणाल, सुमित, राधा और बबीता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाओं पर हथियारों को मुंबई पहुंचाने में भूमिका निभाने का आरोप है। जांच में एक नाबालिग लड़के को बैग सौंपे जाने की बात भी सामने आई है। अब एजेंसियां हथियारों की पूरी आवाजाही का पता लगाने के साथ यह भी जांच रही हैं कि आरोपियों के बीच संपर्क किस तरह बना और उन्हें निर्देश कौन दे रहा था।
जुहू में हुई थी फायरिंग की घटना
18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना सामने आई थी। रिपोर्टों के अनुसार, अभिनेता फुटबॉल मैदान से निकल रहे थे, तभी उनकी कार को निशाना बनाया गया। टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर के घायल होने की खबर आई थी। पुलिस ने घटना में कथित रूप से शामिल शूटरों को गिरफ्तार कर जांच आगे बढ़ाई है। अब हथियारों की सप्लाई और वारदात के पीछे की साजिश के बीच संबंध स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
क्या सीमा पार से आया था हथियार?
अमृतसर का नाम सामने आने के बाद हथियार के स्रोत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में पाकिस्तान से हथियार आने की आशंका जताई गई है, लेकिन इस दावे की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पिस्तौल कहां से हासिल की गई थी और क्या इस मामले में किसी बड़े अवैध हथियार नेटवर्क की भूमिका है।
अमृतसर कनेक्शन से खुल सकते हैं अहम राज
पुलिस की जांच में अब हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति से लेकर उसे मुंबई पहुंचाने वाले कथित सहयोगियों तक की भूमिका अहम मानी जा रही है। जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही हैं। हालांकि, हथियार के वास्तविक स्रोत और कथित नेटवर्क की व्यापकता को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।



