102 शहरी निकायों में हुआ चुनाव
सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
पंजाब में इस बार 8 नगर निगम, 76 नगर काउंसिल और 18 नगर पंचायतों समेत कुल 102 शहरी निकायों में मतदान कराया गया। चुनाव को लेकर राज्यभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और हजारों पुलिसकर्मी तैनात किए गए।
कितनी सीटों और वार्डों पर हुआ मुकाबला
निकाय चुनाव में हजारों उम्मीदवार मैदान में उतरे। अलग-अलग शहरों और ब्लॉकों में वार्ड स्तर पर मुकाबला काफी रोचक रहा। कई जगह निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी बड़ी पार्टियों को चुनौती दी।
AAP ने कई ब्लॉकों में बनाई मजबूत पकड़
आम आदमी पार्टी ने धूरी, बरनाला, मोहाली, जैतो, गिद्दड़बाहा, करतारपुर और कई अन्य ब्लॉकों में शानदार प्रदर्शन किया। पार्टी को शहरी इलाकों में बड़ी बढ़त मिली और कई वार्डों में क्लीन स्वीप जैसी स्थिति देखने को मिली।
कपूरथला ब्लॉक में कांग्रेस का बेहतर प्रदर्शन
Kapurthala में कांग्रेस उम्मीदवारों ने कई वार्डों में बढ़त हासिल कर पार्टी की स्थिति मजबूत की। यहां AAP और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला, जबकि भाजपा और अकाली दल पिछड़ते नजर आए।
जिला परिषद और ब्लॉक समितियों में भी मुकाबला तेज
राज्य के 23 जिला परिषद क्षेत्रों और 153 ब्लॉक समितियों की सीटों पर भी राजनीतिक दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। कई ब्लॉकों में AAP उम्मीदवार निर्विरोध भी चुने गए। अमृतसर जिले के कुछ ब्लॉकों में पार्टी ने पहले ही कई सीटें जीत ली थीं।
ब्लॉकवार वोटिंग प्रतिशत भी चर्चा में रहा
कई जिलों में मतदान प्रतिशत अलग-अलग रहा। बरनाला, बठिंडा, अमृतसर और मोगा जैसे इलाकों में दोपहर तक अच्छी वोटिंग दर्ज की गई। ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में लोगों ने बढ़-चढ़कर मतदान किया।
भाजपा और अकाली दल को कई इलाकों में नुकसान
Bharatiya Janata Party और Shiromani Akali Dal कई नगर निकायों और ब्लॉकों में मजबूत स्थिति नहीं बना सके। कुछ क्षेत्रों में दोनों दल तीसरे और चौथे स्थान पर रहे।
मतदान और मतगणना के दौरान विवाद
कुछ ब्लॉकों और वार्डों में बूथ कैप्चरिंग, दोबारा गिनती और धांधली के आरोप भी लगे। विपक्षी दलों ने कई जगह चुनाव आयोग को शिकायतें दीं। हालांकि प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बताया।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संकेत
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निकाय और ब्लॉक स्तर के ये नतीजे आने वाले विधानसभा चुनावों की दिशा तय कर सकते हैं। शहरी वोटरों में AAP की बढ़त ने विपक्ष की चिंता बढ़ा दी है, जबकि कांग्रेस कुछ इलाकों में मिली सफलता से उत्साहित नजर आ रही है।



