सेंटर न्यूज एक्सप्रेस। देसराज भुट्टा
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि देशभर में आपातकालीन सेवाओं के लिए 112 नंबर को पूरी तरह लागू किया जाए। अदालत ने कहा कि लोगों को अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर याद रखने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
एक नंबर पर मिलेगी हर मदद
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य इमरजेंसी सेवाएं 112 नंबर से जुड़ जाएंगी। इससे किसी भी संकट की स्थिति में लोगों को जल्दी सहायता मिल सकेगी।
पुराने हेल्पलाइन नंबर भी होंगे लिंक
100, 101, 102 और 108 जैसे पुराने नंबरों को भी 112 सिस्टम से जोड़ा जाएगा। यानी किसी भी नंबर पर कॉल करने पर सहायता एक ही कंट्रोल रूम से मिलेगी।
राज्यों को दिए गए जरूरी निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से कहा है कि इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत बनाया जाए और तकनीकी सुविधाएं बढ़ाई जाएं ताकि हादसे या मेडिकल इमरजेंसी में तुरंत कार्रवाई हो सके।
सड़क हादसों पर जताई चिंता
अदालत ने कहा कि कई बार समय पर मदद न मिलने से लोगों की जान चली जाती है। इसलिए हर राज्य में तेज और बेहतर इमरजेंसी सिस्टम होना जरूरी है।
मोबाइल से भी मिलेगी तुरंत मदद
112 नंबर को मोबाइल SOS फीचर और ऐप से भी जोड़ा जा रहा है। इससे कोई भी व्यक्ति परेशानी के समय तुरंत अपनी लोकेशन भेजकर मदद मांग सकेगा।



